खरगोन। जिला सहकारी बैंक खरगोन की 77 वीं वार्षिक साधारण सभा एक निजी होटल में संपन्न हुई। इसके मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं बैंक प्रशासक बी. एल. मकवाना थे। बैंक एमडी संध्या रोकड़े के द्वारा सभा में वर्ष 2025-26 अंकेक्षित लेखा विवरणों को प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2025-26 के स्वीकृत बजट अंतर्गत कम या अधिक व्यय की स्वीकृति ली गई। वर्ष 2027-28 का 418.41 करोड़ का बजट सभा से पारित कराया गया। बैंक का लेखा जोखा प्रस्तुत करते हुये श्रीमती रोकड़े ने बताया कि आलोच्य वर्ष 2025-26 में बैंक के द्वारा बी-पेक्स के माध्यम से खरीफ एवं रबी सीजन में राशि रुपए 3561.09 करोड़ का ऋण कृषक सदस्यों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया साथ ही खरगोन बडवानी जिले के अमानतदारों का विश्वास जिला सहकारी बैंक के प्रतीक है। फलस्वरूप बैंक की 2753.92 करोड़ बैंक द्वारा सदस्यों को पशुपालन कार्यशीलपूंजी ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंक द्वारा 31.03.2026 पर रू.17.59 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इस अवसर पर बैंक एवं संस्था कर्मचारियों को विभित्र गतिविधियों के लिए उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए पुरूस्कृत भी किया गया है। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सम्मानित भी किया गया। श्रीमती रोकडे़ ने नाबार्ड, अपेक्स बैंक, जिला प्रशासन, सहकारिता विभाग, सदस्य संस्थाओं, कृषक सदस्यों एवं अमानतदारों के प्रति प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। साधारण सभा में के. आर आवासे उपायुक्त सहकारिता खरगोन, योगिता वर्मा सहायक आयुक्त सहकारिता बडवानी, प्रदीप रावत सहायक आयुक्त सहकारिता बडवानी (न्यायिक), भूषण जडे़ सहकारी निरीक्षक सहकारिता खरगोन, रविन्द्र महाजन, ललित भावसार, संजय शर्मा, ओमप्रकाश रघुवंशी, राजेश गुप्ता, रूपक असरोदिया एवं संस्था प्रशासक/प्रबंधक भी उपस्थित रहे।
इस वर्ष होगा 299 लाख का लाभांश वितरण-
उल्लेखनीय है कि बैंक स्थापना वर्ष से ही निरंतर सदस्य संस्थाओं को लाभांश वितरण कर रही है। इस वर्ष भी 299 लाख का लाभांश वितरण किया जाएगा। साथ ही बैंकिंग व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा को दृष्टिगत रखते हुये ग्राहको एवं अमानतदारों को मोबाईल बैंकिंग सुविधाए दी जा रही है तथा बैंक ने स्वयं के एटीएम भी स्थापित किए है।
37 हजार से अधिक किसानों को सदस्यता-
बैठक को संबोधित करते हुये बैंक प्रशासक एवं संयुक्त आयुक्त सहकारिता श्री मकवाना के द्वारा बताया गया कि सदस्य संस्थाओं के सराहनीय सहयोग एवं मार्गदर्शन के कारण वर्तमान में बैंक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आलोच्य वर्ष में 37 हजार से भी अधिक नये किसानों को संस्था सदस्यता प्रदान की गई है।
