खरगोन। नवरात्रि के दौरान शहर के हिन्दू संगठनों ने बहुत अच्छी पहल की, ओपन और फूहड़ गरबा को लेकर विरोध जताया और पुलिस-प्रशासन के सहयोग से ओपन गरबा में पर प्रतिबंध रहा लेकिन लगता है नवरात्रि के बाद अब ओपन गरबा पर संस्कृति को कोई खतरा नहीं है? अब सब चंगा है, ना तो पुलिस को परेशानी है और ना ही प्रशासन को परहेज। अब बेटियां और शहर का माहौल सब सुरक्षित हैं? शहर में फिर ओपन गरबा, जिम्मेदार कौन?
शहर के मध्य हरियाली मैरिज गार्डन में ओपन गरबा का आयोजन 24 अक्टूबर को हो रहा है, उसे शासन-प्रशासन ने आयोजन को लेकर अनुमति भी दे दी। नीरज कुशवाह कहना है अब कहां गए ओपन गरबा का विरोध करने वाले, ज्ञापन देने वाले? अब पुलिस और प्रशासन को लकी ड्रा के नाम पर उघाही करने वाले नवरत्न मार्बल की कार्यप्रणाली से कोई परहेज कैसे नहीं है? यक्ष प्रश्न ये है कि क्या नौ दुर्गा तक ही फूहड़ता और हिन्दू संस्कृति की रक्षा होना चाहिए, क्या 365 दिन में से केवल नौ दिन ही प्रतिबंध होना चाहिए। यदि नहीं तो हिन्दू समाज अपने दायित्वों का पालन करना क्यों भूल रहा है। सबसे प्रमुख बात ये है कि हमारे माननीय अब क्या कर रहे हैं, केवल चुनाव के दौरान ही उनकी भूमिका क्यों नजर आती है? या फिर नगरपालिका के मामलों में टांग अड़ाने तक सीमित हैं? क्या उनका अपना कोई नैतिक दायित्व नहीं है? गरबा के नाम लकी ड्रा चलाकर शहर के भोले भाले लोगों से खुली वसूली की जा रही है। बकौल हिन्दू संगठन का कहना है हमने जब नौ दुर्गा के दौरान ओपन गरबा का विरोध किया तब कई जनप्रतिनिधियों ने ओपन गरबा की हिमायत की थी लेकिन उस समय पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाई तो मामला परमिशन के पन्नो में ही अटककर रह गया। सवाल यही है कि अब क्यों आँखें मूंद ली गई हैं।
फूहड़ता हुई तो…
मामले को लेकर बजरंग दल प्रमुख मनोज वर्मा कहना है भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए हम हमेशा तत्पर हैं, प्रशासन को अब भी अनुमति नहीं देना थी। यदि फूहड़ता हुई तो हम ऐसा होने नहीं देंगे, हमारे कार्यकर्ता तैयार रहेंगे। हिन्दू समाज का कर्तव्य है कि ऐसे आयोजनों का विरोध करें।
ओपन गरबे के नाम पर चन्दा…
हिन्दू नेता राजू शर्मा का कहना है ऐसे आयोजन नहीं होना चाहिए। गरबा की आड़ में लकी ड्रा निकाला जा रहा है। हिन्दू संगठनों ने नौ दुर्गा पर आयोजनों को लेकर विरोध जताया था। जनप्रतिनिधियों को भी शहरहित में आगे आना चाहिए। इस तरह के आयोजनों पर हमेशा रोक रहना चाहिए।
क्या मैरिज गार्डन ऐसे आयोजनों के लिए…
शहर में कई मैरिज गार्डन नियमों के विपरीत संचालित हैं। नियमों की अनदेखी कर मनमानी का आलम है। सवाल ये है कि मैरिज गार्डन में ओपन गरबा के आयोजन की अनुमति क्या गार्डन वालों को है? क्या किसी मैरिज गार्डन में लोगों को गुमराह करने वाला आयोजन किया जा सकता है। क्या लकी ड्रा को लेकर परमिशन ली गई है, यदि नहीं तो क्यों? और ली है तो क्यों दी गई है।
