खरगोन। जिले के बालसमुंद में नवरात्रि में बिजली कटौती से दर्जनभर से अधिक दुर्गा पांडालों में नहीं हो सकी मां दुर्गा की आरती। भडक़े सैकड़ों ग्रामीणों ने सडक़ पर लेटकर चित्तौड़गढ़-भुसावल स्टेट हाइवे पर किया चक्काजाम। घंटों चक्काजाम में फंसे कई यात्री वाहन, विवि कंपनी के जूनियर इंजीनियर ने एक सप्ताह पहले नौ दुर्गा पर कटौती नहीं होने का दिया था आश्वासन, नौ दुर्गा के दूसरे दिन भी शाम से लगातार बिजली गुल रहने से भड़के लोग। रात 10 बजे तक सड़क बैठे रहे गुस्साए ग्रामीण।
खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर कसरावद थाना क्षेत्र के बाल समुद्र के लोगों के ग्रामीणों का सब्र का बांध तब टूट पड़ा जब शाम 6 बजे तक बिजली गुल हुई तो रात के 8 बजे तक नहीं लौटी। नवदुर्गा के दूसरे दिन भी शाम के समय बिजली गुल होने से गांव के करीब 12 से 15 दुर्गा पांडालों में मां दुर्गा की आरती नहीं हो सकी। इसके चलते ग्रामीण और युवा भड़क गए गुस्साए ग्रामीणों ने चित्तौड़गढ़ भुसावल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। नवरात्रि में बिजली कटौती से परेशान बालसमुद के ग्रामीण सोमवार शाम सडक़ पर उतर आए। शाम 6 बजे बिजली गुल होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर विद्युत कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि नवरात्रि में शाम 5 से रात 12 बजे तक बिजली कटौती नहीं करने का लिखित आश्वासन देने के बावजूद विभाग ने बिजली बंद कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को शाम 6 से 8 बजे तक कटौती का संदेश जारी किया गया था। बिजली बंद होने से गांव के किसी भी पंडाल में माता रानी की आरती नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने कहा इसी समय आरती और गरबा आयोजन होते हैं, ऐसे में कटौती से धार्मिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। उनका लहान है बालसमुद से करीब आठ किलोमीटर दूर कसरावद में बिजली चालू है, जबकि गांव में कटौती की जा रही है।
पुलिस ने चालू करवाई बिजली, ग्रामीणों ने बंद करवाई, फिर भी नहीं हटे ग्रामीण-
चक्काजाम की सूचना पर कसरावद एसडीओपी श्वेता शुक्ला,थाना प्रभारी इंद्रेश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने विद्युत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की, जिसके बाद शाम करीब 7 बजे बिजली सप्लाई शुरू करवाई गई लेकिन ग्रामीण विद्युत मंडल पहुंचे और बिजली बंद करवा दी हालांकि, ग्रामीण वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को रास्ता दिया जा रहा था।
एक सप्ताह में दूसरी बार जताया रोष-
ग्रामीणों ने बताया लगातार कटौती से परेशान होकर वे एक सप्ताह में दो बार विद्युत कंपनी कार्यालय का घेराव कर चुके हैं। इसके बाद कार्यपालन यंत्री मंडलेश्वर की मौजूदगी में कनिष्ठ यंत्री ऋषभ कुमार ने नवरात्रि में निर्धारित समय पर बिजली कटौती नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन का पालन नहीं होने से उन्हें आंदोलन करना पड़ा।
एक दो दिन में सामान्य होने की उम्मीद-
विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री आमिर कुरैशी का कहना है वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की गई थी तो उनका कहना था नवदुर्गा से पहले बिजली की समस्या सामान्य होने की संभावना है। यह स्थानीय स्तर की समस्या नहीं है प्रदेशव्यापी समस्या है। बिजली उत्पादन संयंत्र में प्रॉब्लम आने के कारण ये समस्या निर्मित हुई है। मांग और पूर्ति के आधार पर जो मैसेज मिलता है इस आधार पर बिजली की आपूर्ति की जाती है। वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई है एक-दो दिन में इस समस्या का हाल हो जाएगा।
आठ दिन पहले दिया था आश्वासन-
ग्रामीण युवक सर्वेश पाटीदार का कहना है हमारे द्वारा ग्रामीणों द्वारा बिजली कंपनी के विरोध में चक्का जाम किया गया है 8 दिन पहले विद्युत वितरण कंपनी के मंडलेश्वर कार्यपालन यंत्री द्वारा ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि नवदुर्गा उत्सव के दौरान गांव में बिजली कटौती नहीं की जाएगी लेकिन लगातार 2 दिन से शाम के समय बिजली बंद कर दी जा रही है। बिजली कटौती के कारण आज 12 से 15 दुर्गा पांडालों में मां दुर्गा की आरती नहीं हो पाई। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है।
