खरगोन में संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के जुनून में 21वर्षीय युवक भारत-पाकिस्तान की बॉर्डर तक पहुंचा। जम्मू के सोशल मीडिया इंफ्लुएंजर ने 1600 किमी खरगोन पहुंचाने में की मदद। खरगोन पुलिस ने दिखाई तत्परता, युवक को सकुशल लेकर पहुंची खरगोन, पुलिस ने खंगाले कई सीसीटीवी फुटेज। युवक के पिता दिव्यांग है और सरकारी स्कूल शिक्षक है।
सोशल मीडिया ने फिर एक 24 वर्षीय भटके युवक को घर की राह दिखाई। प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनने और मिलने के जुनून में खरगोन जिले के रायलबेड़ा निवासी 21 वर्षीय युवक राजेन्द्र पिता गुलाब सिंह चौहान 1600 किमी दूर जम्मू स्थित भारत-पाकिस्तान अतिसंवेदनशील क्षेत्र तक पहुंच गया। जम्मू के एक समाजसेवी युवक ने परेशान युवक से पूछताछ की। उसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। जिसे खरगोन पुलिस ने देखते ही सक्रीयता दिखाई और युवक के माता-पिता को लेकर जम्मू पुलिस की सहायता से युवक के पास पहुंची। जानकारी के 6 सितम्बर 26 को थाना कोतवाली खरगोन पर सूचना प्राप्त हुई कि एक 21 वर्षीय युवक घर से कहीं चला गया है। परिजनों द्वारा उसकी आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। थाना कोतवाली खरगोन में अपराध क्रमांक 415/26, धारा 140(3) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली खरगोन बीएल मंडलोई ने पुलिस टीम गठित कर खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम द्वारा खरगोन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनसे बालक के खंडवा की ओर जाने की जानकारी प्राप्त हुई।
मथुरा-वृन्दावन जाने की सूचना मिली-
खरगोन पुलिस टीम खंडवा पहुंची और वहां सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ कर युवक की तलाश की। इस दौरान पुलिस को युवक ट्रेन में बैठकर मथुरा-वृंदावन की ओर चले जाने की संभावना लगी पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास कर बालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी।
जम्मू के समाजसेवी की सोशल मीडिया ने किया कमाल-
विवेचना के दौरान बालक के पिता, जो दिव्यांग हैं और अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, से जम्मू के समाजसेवी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंजर जितेंद्र सिंह ने स्थानीय पुलिस थाने के माध्यम से संपर्क किया। उन्होंने जानकारी दी की युवक जम्मू में है और उनके पास सुरक्षित है। समाजसेवी श्री जितेंद्र सिंह ने बालक को सैनिक कॉलोनी, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में मिलने के बाद मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसे अपने घर पर सुरक्षित रखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना प्राप्त होने पर खरगोन पुलिस टीम ने जितेंद्र सिंह एवं स्थानीय पुलिस से संपर्क स्थापित कर बालक की पहचान की पुष्टि की तथा उसे सकुशल वापस लाने की कार्यवाही प्रारंभ की।
1600 किलोमीटर दूर जम्मू पहुंचकर युवक को परिजनों के सुपुर्द किया-
बालक की जम्मू में मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद थाना कोतवाली खरगोन की पुलिस टीम लगभग 1600 किलोमीटर की दूरी तय कर जम्मू पहुंची। आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात बालक को सकुशल खरगोन लाकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
प्रेमानन्द महाराज के खूब देखता था वीडियो-
पुलिस के अनुसार युवके मानसिक रूप से थोड़ा विचलित भी है और सोशल मीडिया में प्रेमानंद महाराज के वीडियो लगातार देखता था और कहता था मैं महाराज से मिलने जाऊंगा। एक दिन अचानक घर से चला गया। इसके बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों में तलाश किया जब कहीं नहीं मिला तो पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
टीआई ने कहा कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले-
खरगोन थाना इंचार्ज बीएल मंडलोई का कहना है एक गुमशुदगी की प्राप्त हुई थी कि रॉयलबेड़ा निवासी 21 वर्षीय युवक घर से खरगोन कोतवाली अंतर्गत बस स्टैंड आया था और वहां से कहीं चला गया है। प्रकरण दर्ज करने के बाद। युवक के पिता द्वारा बताया गया था कि उक्त युवक प्रेमानंद महाराज के वीडियो बहुत अधिक देखता था। वृंदावन और मथुरा तक युवक की तलाश की गई लेकिन वहां पर नहीं मिला। अचानक फेसबुक के माध्यम से सूचना मिली कि एक युवक जिसके बाल बड़े हुए हैं और वह खरगोन का निवासी होना बता रहा है, यह व्यक्ति मानसिक रूप से कुछ विकसित भी दिख रहा है और उक्त युवक जम्मू कश्मीर की भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर देखा गया है। इस सूचना पर खरगोन की पुलिस और युवक के परिजनों को लेकर जम्मू पहुंचे यहां जम्मू पुलिस की सहायता से उक्त युवक तक पहुंचे। वहां से उसे युवक को लेकर आए और अभी उसकी हालत ठीक है।
