इंट्रो…
खरगोन। सड़कें बदहाल हैं, शहर की सूरत ठीक नहीं है लेकिन शहर से गुजरने वाले दो हाइवे सहित चार प्रमुख मार्गों पर एक नहीं कई स्पीडब्रेकर बना दिए, वह भी गुणवत्ताहीन। सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नगरपालिका खरगोन ने ताबड़तोड़ खंडवा रोड सनावद रोड़ डायवर्सन रोड़ और बिस्टान रोड़ पर एक नहीं कई स्पीडब्रेकर बिछा दिए। बगैर किसी मापदंड के अत्यधिक ऊंचाई वाले घटिया गतिवरोधक अब वाहन चालकों के दुर्घटना और मौत का सबब बन गए हैं।
निमाड़ के सबसे प्रमुख और सबसे बड़े त्यौहार गणगौर पर्व के ठीक पहले नगरपालिका खरगोन ने ताबड़तोड़ खंडवा रोड, सनावद रोड और डायवर्सन रोड, बिस्टान रोड़ पर एक नहीं कई गतिवरोधक बना दिए। बगैर किसी मापदंड के बनाए गए स्पीडब्रेकर भी अत्यधिक ऊंचाई वाले बनाए गए हैं। इससे थोड़ी सी स्पीड से निकलने वाले वाहन चालक देख नहीं पाए तो दुर्घटना तय है। दो दिन पहले बिस्टान रोड़ पर विवेकपूर्ण बनाए गए स्पीडब्रेकर के कारण स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मचारी बाइक से गिर गए और बुरी तरह घायल हो गए। कर्मचारियों ने बताया रात के करीब 4 बजे हम मार्च एंडिंग के चलते ऑफिस में काम करके बिस्टान रोड़ से घर लौट रहे थे। इस दौरान अत्यधिक ऊंचे स्पीड ब्रेकर के कारण स्कूटी असंतुलित हुई और हम दोनों दोस्त गिर गए। एक को हल्की चोंट आई है और दूसरे की कमर और हाथ पर खासी रगड़ आई है। कर्मचारियों ने बताया जहां पर स्पीडब्रेकर बनाया गया है, वहां स्ट्रीट लाइट भी बंद थी इसलिए हमें दिखाई नहीं दिया कि यहां स्पीडब्रेकर है। वहीं खंडवा रोड पर 3 दिन पहले एक कॉलेज छात्र नीरज पटेल बाइक से जा रहा था और बनाए गए स्पीड ब्रेकर के कारण गिर गया। पीछे आ रहा डंपर करीब 30 से 40 फीट दूर था और ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिय, जिससे नीरज गंभीर दुर्घटना का शिकार होते बच गया। खंडवा रोड निवासी व्यापारियों का कहना है नगरपालिका द्वारा ताबड़तोड़ स्पीड बेकार बनाए गए हैं, इससे दुर्घटनाएं रुकने की बजाय लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं क्योंकि अत्यधिक ऊंचाई वाले बेढंगे गति अवरोधक बनाए गए हैं।
मनमाने स्पीड ब्रेकर अवैध-कोर्ट-
हाईवे पर स्पीड ब्रेकर न बनाने को लेकर अलग-अलग हाईकोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। नेशनल और स्टेट हाईवे पर मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर बनाना अवैध माना गया है क्योंकि इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। तेज रफ्तार सड़क पर अचानक स्पीडब्रेकर से वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के 2018–2019 के फैसलों में बिना मापदंड के बनाए गए स्पीडब्रेकर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में भी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अनाधिकृत रूप से स्पीडब्रेकर हाईवे पर बनाए गए हैं तो उन्हें हटाने के आदेश पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को दिए हैं। नियमानुसार बिना अनुमति बना स्पीड ब्रेकर अवैध होते हैं। दुर्घटना होने पर संबंधित विभाग जिम्मेदार माना जा सकता है।
अंधेरे में बने है गतिवरोधक-
नगरपालिका जिस तरह से रातों-रात गुणवत्ता विहीन नाला, सड़क निर्माण करती है। इसी तरह बगैर किसी मापदंड को ध्यान रखें खंडवा वडोदरा नेशनल हाईवे पर, चित्तौड़गढ़ भुसावल स्टेट हाईवे के बिस्टान रोड पर और शहर के सबसे प्रमुख मार्ग डायवर्सन रोड, सनावद रोड पर स्पीड ब्रेकर बना दिए। अत्यधिक ऊंचाई वाले स्पीडब्रेकर दुर्घटना रोकने की बजाय दुर्घटना का सबब बन गए हैं। यहां तक की स्पीड ब्रेकर बनाते समय बनाने के बाद यातायात नियमों के अनुसार इन पर सफेद पट्टी तक नहीं बनाई गई है, ताकि दूर से दिख जाए कि आगे स्पीडब्रेकर है और ना ही कोई संकेतक लगाए गए हैं। कुछ स्थानों पर तो स्पीडब्रेकर ऐसी जगह बने हैं जहां रात में अंधेरा रहता है और पास आने पर भी वाहन चालक को दिखाई नहीं देता की स्पीडब्रेकर बना है।
नियमों का ख्याल रखना था नपा को-
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष रियाज शेख का कहना है वैसे तो नहीं माननीय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए रोक लगाई है लेकिन स्कूल और अस्पताल के पास वाहनों की गति कम करने के लिए निर्धारित मापदंड के अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जा सकते हैं। नगरपालिका ने रातों-रात शहर की चार सड़कों पर एक नहीं कई बड़े-बड़े स्पीडब्रेकर बना दिए हैं जो कि आम लोगों की दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। इससे कल किसी वाहन चालक की जान भी जा सकती है। दुर्घटना के लिए नगरपालिका के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
