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अब फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में कार्बाइड का उपयोग नहीं होगा? 

खरगोन। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने खरगोन शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थोक फल दुकानों का निरीक्षण किया। अब फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में कार्बाइड का उपयोग नहीं होगा? इस पर पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न थोक फल दुकानों से केला, पपीता एवं अन्य फलों की गुणवत्ता और कार्बाइड से फलों को पकाए जाने की सघन जांच की गई। इस दौरान सभी थोक फल दुकानों में फलों को पकाने के लिए शासन द्वारा मान्य ईथलीन गैस चैंबर एवं ईथलीन हार्मोन स्प्रे का इस्तेमाल होते हुए पाया गया। निरीक्षण में किसी भी थोक फल दुकान में फलों जैसे पपीता एवं केला को प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड से पकाते हुए नहीं पाया गया। मौके पर सभी थोक फल विक्रेताओं को सड़े गले, दूषित फलों का भंडारण एवं विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए। 

फल देखकर ही खरीदें- 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री एचएल आवास्या ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के तहत फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में कार्बाइड के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है। इस गैस को ईथीलीन सिलेंडर, कंप्रेस्ड ईथीलीन गैस, इथेनॉल, ईथाफोन सेचेट आदि बाह्य स्रोतों के माध्यम से फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सभी उपभोक्ताओं को फलों को केवल जाने माने फल विक्रेता, डीलर्स आदि से क्रय करना चाहिए। जो यह घोषणा करे कि उनके परिसर में फलों को पकाने में प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग नहीं किया जाता है एवं न ही ऐसे फलों का वे विक्रय करते है। उपभोक्ताओं को फलों को साफ पानी में धोने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए।  

25 फल दुकानों का किया निरीक्षण-

खरगोन जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर स्थित 25 फल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर केला और पपीता सहित अन्य फलों के नमूने संग्रहित किए। ये नमूने श्री जी.एस. फ्रूट कंपनी पहाडसिंगपूरा खरगोन, एस.आर. फ्रूट कंपनी पहाडसिंगपूरा खरगोन, युसूबभाई आयुब भाई फ्रूटवाले तिलक पथ, खरगोन, मोनू फ्रूट गुलशन नगर, खरगोन, एस.बी. फ्रूट नया नगर, कसरावद, श्री चार भुजा फ्रूट नया नगर, कसरावद और मां मणेश्वरी फ्रूट सप्लायर्स मेन रोड, नया नगर, कसरावद से लिए गए। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। निरीक्षण अन्य स्थानों पर भी किया गया, जिसमें सलीम खान फ्रूट मर्चेंट खंडवा रोड, सनावद, रवि फ्रूट मर्चेंट टवलीपुरा, सनावद, मां नर्मदा फ्रूट मर्चेंट जाट मोहल्ला, बड़वाह, जय श्रीराम फ्रूट सप्लायर्स जाट मोहल्ला, बड़वाह, भोले फ्रूट कंपनी जाट मोहल्ला, बड़वाह, मां रेवा फ्रूट एम.जी. रोड, महेश्वर, मिथून वर्मा फ्रूटवाले भवानीमाता चौक, महेश्वर, नर्मदे हर फ्रूटवाला धानमंडी, महेश्वर, लखन वर्मा फ्रूटवाला महावीर मार्ग, महेश्वर, राजेन्द्र वर्मा फ्रूटवाला पेशवा मार्ग, महेश्वर, कुलदीप वर्मा फ्रूटवाला सरदार पटेल मार्ग, महेश्वर, मां शारदा फ्रूटवाला बस स्टैण्ड, मंडलेश्वर, सियाराम फ्रूट भंडार बस स्टैण्ड, मंडलेश्वर, आयूब फ्रूट सेंटर बस स्टैण्ड, मंडलेश्वर, रामू फ्रूट सेंटर बस स्टैण्ड, मंडलेश्वर, एल.एफ.सी. फ्रूट कंपनी पथर दलाल, खरगोन, अशिक असूल खान फ्रूट पुरानी सब्जी मंडी, खरगोन और अतुल वर्मा फ्रूट नया नगर, कसरावद शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के उपरांत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री आवास्या ने बताया कि निरीक्षण की ऐसी कार्यवाहियां खरगोन जिले के विभिन्न स्थानों पर लगातार जारी रहेंगी। इस कार्यवाही श्री एच.एल. अवास्या, श्री आर.आर. सोलंकी एवं एन.एस. सोलंकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

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