खरगोन। कलेक्टर भव्या मित्तल ने शासन की आंख में धूल झोंकने वाले और हठधर्मिता करने वाले शिक्षक रविशंकर प्रकाशचंद महाजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। देवी अहिल्या शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक- 1 में पदस्थ उच्च श्रेणी शिक्षक रविशंकर महाजन शासकीय शिक्षक होने के बावजूद दो कंपनियों में डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे। महाजन का निलंबन अवधि में कार्यकाल झिरन्या बीईओ कार्यालय रहेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुधीर कुलकर्णी द्वारा बताया गया था कि देवी अहिल्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -2 खरगोन में कार्यरत उच्च श्रेणी शिक्षक रविशंकर प्रकाशचंद महाजन दो कंपनियों में डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं तथा उनके द्वारा शासन की अनुमति के बिना मूल्यवान संपत्ति का क्रय विक्रय किया जाता है जो कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 16 एवं नियम 19 का उल्लंघन है। शिकायत पर जांच की गई। शिकायत पर जांच दल द्वारा जांच में पाया गया कि शिक्षक महाजन के कथन और उपरोक्त दोनों संस्थानों में रविशंकर महाजन के पिता स्वर्गीय प्रकाशचंद महाजन की स्मृति में गठित स्वयंसेवा संस्थाएं कंपनियां है जो रविशंकर महाजन के पिताजी की स्मृति में संचालित हैं। दोनों संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले कार्य एवं उनके किए जाने वाले क्रय विक्रय संबंधी व्यवहार में रविशंकर महाजन देवी अहिल्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 की संचालक की भूमिका में होने से मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 16 और नियम 19 का उल्लंघन है जो की एक शासकीय सेवक के प्रति कर्तव्य के विपरीत होने से रविशंकर महाजन को उक्त दोनों संस्थानों मे कार्य से प्रतिबंधित किए जाने का निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया है।
ऐसे किया शासन को गुमराह-
रविशंकर महाजन ने अपनी सफाई में कहा कि दोनों संस्थानों में मैं अपनी निस्वार्थ सेवाएं दे रहा हूं और मेरे द्वारा आज दिनांक तक ₹1 का भी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त नहीं किया गया। साथी वर्तमान में मेरे द्वारा आर्थिक लेनदेन एवं संपत्ति के क्रय विक्रय के व्यवहार से अपने आप को पृथक करते हुए सामान्य संचालक की हैसियत से मैं शासकीय कार्य के साथ-साथ कार्य करना बताया गया।
दो संस्थाओं में संचालक का पद-
प्रकाश स्मृति संस्थान खरगोन और प्रो. पीसी फाउंडेशन खरगोन को कार्यालय पत्र जारी कर वस्तु स्थिति में प्रमाण के साथ पूछा गया। प्रकाश स्मृति सेवा संस्थान द्वारा और पीसी फाउंडेशन के पत्र के द्वारा दोनों संस्थाओं स्वागत कराया गया कि रवि शंकर महाजन को संचालक के दायित्व से मुक्त कर नवीन व्यवस्था कर ली गई है। संबंधित वर्तमान में एक सामान्य संचालित के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इस पर शिकायतकर्ता कुलकर्णी ने वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए बताया की दोनों संस्थाओं कंपनियों में रविशंकर महाजन सेवाएं दे रहे हैं शिकायतकर्ता सुधीर कुलकर्णी द्वारा साक्ष्यप बैंक डिटेल प्रस्तुत कर अपने कथन में कहा गया कि रवि शंकर महाजन वर्तमान में भी संचालक पद पर कार्यरत हैं और उनके द्वारा जो कथन दिए गए हैं वह सत्य नहीं है। वर्तमान में संचालक के पद पर कार्यरत हैं और लाभ ले रहे हैं।
आदेश में कहा शिक्षक की हठधर्मिता-
आदेश में गया गया उपरोक्त तथ्यों से ऐसा प्रतीत होता है कि रवि शंकर महाजन द्वारा शासन के आदेशों को पालन न करते हुए दोनों संस्थाओं कंपनियों में संचालक के पद पर कार्य करना उनकी हठधर्मिता और अपने शासकीय पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन किया जा रहा है। रवि शंकर महाजन शिक्षक को सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका कार्यालय बीईओ कार्यालय झिरन्या निर्धारित किया गया है।
