खरगोन। प्रदेश में सिरफ के बाद अब इंजेक्शन लगाते ही चार वर्ष के बच्चे ने तड़पकर मुंह से झाग निकाला और दुनिया को कह दिया अलविदा। एक दिन पहले बच्चा अच्छा भला खेल रहा था। बच्चे के पिता ने डॉक्टर और लेब संचालक को बताया मौत का जिम्मेदार। प्रायवेट हॉस्पिटल में जमकर हंगामा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल। मां सदमे के कारण बार-बार हो रही बेहोश। पुलिस ने मर्ग कायम किया। जांच के बाद होगी एफआईआर।
खरगोन जिला मुख्यालय पर सनावद रोड़ पर जिला अस्पताल के ठीक सामने निजी क्लीनिक पर एमबीबीएस डॉक्टर राजेश सयदे के पास बड़वानी जिले के ठीकरी निवासी कालू पंचोले अपने 4 वर्षीय बेटे दियान को सर्दी-खांसी और बुखार के चलते इलाज कराने पहुंचे थे। बच्चे के पिता का आरोप है कि डॉ सयदे ने दवाइयां और इंजेक्शन लिखे और हमें पास ही एक स्थान पर इंजेक्शन लगवाने के लिए भेजा। बच्चे को हथेली की नस में जैसे ही इंजेक्शन लगाया। उसे पूरे बदन पर खुजली होने लगी। उसकी हालात बिगड़ने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने रक्षा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बच्चे की मां को जैसे ही पता चला मां का रो रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेहोश हो रही है। डॉक्टर के क्लिनिक के पास स्थित लैब संचालक बंद कर फरार हो गया। मामले को लेकर परिजन जैतापुर थाने पहुंचे। थाना इंचार्ज सुदर्शन कलोसिया को सूचना मिलने पर वे पहले मौकास्थल फिर पोस्टमार्टम रूम पहुंचे। परिजनों को उचित न्याय का आश्वासन भी दिया।
दादा के ग्यारवें के एक दिन बाद पोते की मौत-
कालू पंचोले के परिवार 11 दिन पहले ही गमी हो चुकी है। कालू के 65 वर्षीय पिता जगन पांचोले का 11 दिन पहले ठीकरी में निधन हो गया। एक दिन पहले बुधवार को अपने पिता की पगड़ी का कार्यक्रम खत्म करने के बाद कालू सर्दी बुखार से पीड़ित अपने बेटे ध्यान को दिखाने के लिए दूसरे दिन गुरुवार को खरगोन मुख्यालय पहुंचा था उसे क्या पता हल्का सा सर्दी जुकाम और बुखार पर इलाज कराने खरगोन आना इतना भारी पड़ेगा 11 दिन पहले पिता चले गए और उसके बाद मासूम बेटे की मौत हो गई।
डॉक्टर की दवा ने ली जान-पिता
मासूम के पिता कालू पंचोले का कहना है मेरे बच्चे को गांव में सर्दी खांसी होने पर एक-दो दिन गांव में ही दिखाई फर्क नहीं पड़ने पर यहां डॉक्टर सयदे को दिखाया। उन्होंने उपचार किया दवाइयां लिखी और ये इंजेक्शन भी लिखा। उनके क्लीनिक के पास में ही एक लैब है वहां पर बच्चे को इंजेक्शन लगवाया। थोड़ी सी ही दवाई अंदर गई और बच्चों को खुजली होने लगी और वहीं पर उसने फेस (मुंह से झाग) निकाल दिया। मेरे बच्चे को हल्का सा बुखार था अच्छा भला खेल कूद रहा था। यहां पर इंजेक्शन लगाते ही इन्होंने मेरे बच्चे की जान ले ली। इंजेक्शन लगाने से ही मेरे बच्चे की जान गई है, मैं चाहता हूं डॉक्टर और लैब वाले के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
मिकासिन है एंटीबॉयोटिक दवा- डॉक्टर
बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर राजेश सैयदे का कहना है हां दियान नामक 4 वर्षीय बालक मेरे पास इलाज के लिए लाया गया था। इन्होंने बताया कि 6-7 दिन से सर्दी जुकाम था दादा की डेथ होने के कारण इलाज करने नहीं आ पाए। ये पहले भी इलाज के लिए बड़े बच्चों को लाए थे हमारे पास इलाज के लिए आते रहते हैं। अभी वायरल का समय चल रहा है। मैंने उनके पेपर पर भर्ती होने के लिए लिखा भी है लेकिन उन्होंने कहा दादा की अभी हाल ही में निधन हुआ है इसलिए भर्ती नहीं करेंगे। मिकासिन इंजेक्शन लगाने के लिए लिखा था। ये एंटीबायोटिक दवा है। ये थोड़ी देर बाद मेरे पास बच्चे को लेकर आए तब बच्चे के मुंह से झाग आ रहा था और झटके भी आ रहे थे जनरली देखने में आता है कि बुखार के दौरान बच्चों को झटके भी आते हैं। यहां अस्पताल में बच्चों को पहुंचा यहां भी बच्चे को झटके ही आ रहे थे। इस दौरान बच्चा बेहोश हो गया और उसकी स्वास्थ्य नाली में जो खाया था वो चला गया। इसलिए सांस लेने में दिक्कत आ रही थी यहां वेंटिलेशन में भी रखा था लेकिन फेफड़ों में भी पानी भर गया था इसलिए बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
जांच के बाद होगी कार्यवाही- थाना इंचार्ज
जैतापुर थाना इंचार्ज सुदर्शन कलोसिया का कहना है प्राथमिक रूप से हमें सूचना मिली है ठीकरी निवासी 4 वर्षीय बच्चे दियान को यहां इलाज के लिए लाया गया था। यहां के स्थानीय डॉक्टर द्वारा उसका उपचार किया गया बताया गया कि उपचार के दौरान उसे जो गलत इंजेक्शन लगाया गया। इस कारण उसकी मौत हो गई। यह जांच का विषय है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है।
