खरगोन। नगरपालिका खरगोन में महिला पार्षद अरुणा उपाध्याय ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी है। अपने लेटर पैड पर एमआईएम के हैदराबाद के राष्ट्रीय कार्यालय को भेजें पत्र में अरुण उपाध्याय ने लिखा कि “मैं अरुणा उपाध्याय वार्ड क्रमांक-2 पार्षद नगरपालिका खरगोन के पद पर हूं। आपकी पार्टी एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ी थी और जीती थी। मैं अपने निजी कारणों से कोर कमेटी और पार्टी सदस्यता से अपना त्यागपत्र दे रही हूं, और मैं अपने पार्षद पद पर स्वतंत्र रूप से दायित्व निभाते रहूंगी। अतः माननीय से अनुरोध है मेरा त्यागपत्र स्वीकार करें।” उल्लेखनीय वर्ष 2022 के निकाय चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से प्रदेश में चार पार्षद जीते थे। इनमें खरगोन की अरुणा उपाध्याय भी शामिल थीं लेकिन वे एआईएमआईएम से प्रदेश की पहली हिंदू पार्षद बनकर चर्चा में रहीं। गौरतलब है वार्ड क्रमांक-2 से अरुणा के सामने भाजपा प्रत्याशी सुनीता गांगले और कांग्रेस की शिल्पा सोनी मैदान में थीं। इन सबको पछाड़ते हुए उन्होंने 643 मत प्राप्त किये थे। वहीं भाजपा उम्मीदवार सुनीता को 612, कांग्रेस की शिल्पा को 498 मत मिले थे, वह तीसरे स्थान पर रही थी। अरुणा ने 31 मतों से विजय हासिल की थी। खरगोन के वार्ड क्रमांक-2 में निकाय चुनाव के दौरान कुल 2915 मतदाता थे। वार्ड में 70% मुस्लिम आबादी होने के बावजूद भी उन्होंने जीत हासिल की थी। गौतलब है पिछले कुछ दिनों से पारिवारिक विवाद के कारण पार्षद अरुणा उपाध्याय परेशान चल रहीं थीं। उनके इस तरह पार्टी की सदस्यता छोड़ने से राजनीतिक गलियारें में चर्चा जोर पर है।
