खरगोन। जिले के हेलापड़ावा पुलिस चौकी क्षेत्र में ट्रैक्टर शोरूम मालिक ने महिला से अवैध संबंधों के कारण की युवक की हत्या, तीन आरोपियों के साथ मिलकर की थी हत्या। महाराष्ट्र का रहने वाला था मृतक। शोरूम मालिक ने मृतक की महिला मित्र से बनाए थे अवैध संबंध। मृतक को पता चलने पर लोगों को बताने की शंका में रच डाली हत्या की साजिश। दो लोगों को एक-एक लाख और एक को ₹50 हजार में हत्या के लिए दी थी सुपारी। पुलिस ने फिल्मी अंदाज हुए अंधे कत्ल का किया पर्दाफाश। चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार।
खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर झिरनिया थाना क्षेत्र के पुलिस चौकी हेलापडावा पर 6 मई 25 सूचना प्राप्त हुई कि बांस वृक्षारोपण वन विभाग का जंगल ग्राम पलोना में एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। गले में गमछा डाला हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया। सूचना पर पुलिस टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए पहुंची। सर्चिंग के दौरान पुलिस टीम को एक मोबाईल व एक बाइक खड़ी दिखाई दी। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर किसी भी व्यक्ति के द्वारा मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस के द्वारा मृतक के फोटो को सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रसारित किया गया व मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान चेतन पिता राजेन्द्र आमोदकर उम्र 32 वर्ष निवासी, नवनीत नगर, अमरावती रोड, नागपुर हाल अक्षरधाम कॉलोनी बुरहानपुर का होना पाया गया। मृतक का किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा गला घोंट कर हत्या कर दी।
मृतक की महिला मित्र से मिला सुराग-
विवेचना के दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली कि मृतक बुरहानपुर में एक ट्रैक्टर शोरूम में काम करता है और वहीं काम करने वाली अपनी महिला मित्र के साथ रहता है। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम के द्वारा मृतक की महिला मित्र से जानकारी जुटाई गई। पुलिस को पता चला कि मृतक चेतन दिनांक 5 मई को किसी ग्राहक जिसे ट्रैक्टर खरीदना था उसका फोन आने पर उससे मिलने के लिए गया था जो वापस नहीं आया है।
चंदन ही निकला ग्राहक-
प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम के द्वारा ग्राहक की जानकारी जुटाई गई जिसमे जानकारी मिली कि चंदन नाम का व्यक्ति ही ग्राहक है और मृतक चेतन उसी से से मिलने के लिए निकला था। चंदन की तलाश की और उसे अभिरक्षा में लिया जिसने पुलिस को पूछताछ मे मृतक चेतन को सावंत उर्फ रितेश, खुमसिंग एवं संजय के साथ मिलकर हत्या करने की घटना को स्वीकार किया। पुलिस टीम के द्वारा चंदन से प्राप्त जानकारी के आधार पर सावंत उर्फ रितेश, खुमसिंग एवं संजय को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने उक्त हत्या करना स्वीकार किया गया है। आरोपियों को माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है ।
मृतक की महिला मित्र को ही फांस लिया-
घटना के मुख्य मास्टरमाइन्ड सावंत उर्फ रितेश ने पुलिस को बताया कि बुरहानपुर शहर में उसका एक ट्रेक्टर का शोरूम है। यहां मृतक चेतन और उसकी महिला मित्र काम करते थे। मेरा चेतन की महिला मित्र से प्रेम प्रसंग हो गया था। हम अकेले मे मिलने लगे थे जिसकी जानकारी चेतन को लग गई थी। मुझे लगा कि चेतन मुझे बदनाम कर देगा और समाज में मेरी छवी खराब कर देगा इस कारण मैने उसकी हत्या करने की योजना बनाई । इस योजना मे मैंने मेरी जान पहचान के खुमसिंग और चंदन को शामिल किया और काम हो जाने पर दोनों को एक-एक लाख रुपये देने की बात कही जिसमे दोनों राजी हो गए थे ।
पैसे देने के बहाने ले गए जंगल में-
योजना के अनुसार चंदन ने चेतन को ग्राहक बन कर ग्राम गाड़ग्याम के आगे जंगल में बुलाया, मैं अपनी मोटर साइकल से खुमसिंग को साथ लेकर चंदन से मिला और रास्ते में हमे एक संजय नाम का व्यक्ति मिला जो खुमसिंग का रिश्तेदार था जिसे भी 50 हजार रुपये में साथ में शामिल कर लिया। योजना के अनुसार चंदन और संजय एक मोटर साइकल पर चेतन से मिले, चेतन अपनी मोटरसाइकल से आया हुआ था जिसके बाद चंदन और चेतन एक मोटर साइकल से हो गए। पैसे देने के बहाने हम उसे अंदर जंगल में लेकर गए पीछे से मैं और खुमसिंग भी आ गए। जिसके बाद हम चारों ने मिलकर चेतन को पकड़ कर उसके ही गमछे से उसका गला दबा कर उसकी हत्या कर दी ।
इन हत्यारों को किया गिफ्तार-
पुलिस ने 36 वर्षीय सावंत उर्फ रितेश पिता रामभाउ पाटील मराठा ग्राम नसीराबाद पोस्ट बसाड तहसील नेपानगर जिला बुरहानपुर हाल तानाजी गेट प्रतापपुरा बुरहानपुर, 34 वर्षीय चन्दन पिता भिका जमरे झांझर हाल दवाटिया थाना निम्बोला जिला बुरहानपुर, 32 वर्षीय खुमसिंग पिता गमला तडोले झांझर थाना निम्बोला जिला बुरहानपुर, 26 वर्षीय संजय पिता जगन डावर पलोना तहसील झिरन्या को हत्या के आरोप में गिफ्तार किया है।
इनका रहा योगदान-
मामले के पर्दाफाश में एसडीओपी भीकनगांव राकेश आर्य के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी चैनपुर निरीक्षक नाथुसिंह रंधा और चौकी प्रभारी हेलापडावा उनि रमेशचन्द्र गेहलोत के नेतृत्व में सउनि चन्द्रकांत महाजन, चौकी हेलापडावा, आरक्षक धमेन्द्र यादव, आरक्षक रितेश पटेल, आर. शशांक चौहान, आर. राहुल आटपाटकर, सायबर सेल खरगोन से आर. सचिन चौधरी का विशेष योगदान रहा।
