Thu. Apr 3rd, 2025

कर्ज चुकाने के लिए सैकडों छात्रों के हक से खेला?

खरगोन मुख्यालय पर बड़ा खेला हो गया। विभागीय अधोकारी, लेखा प्रभारी और बाबू ने खुद का कर्ज चुकाने के लिए सैकडों छात्रों के हक पर डाला डाका। कर डाली 84 लाख की हेराफेरी। अस्सिटेंट डायरेक्टर, डीडीओ क्रियेटर और लेखा प्रभारी पर डीएम ने दर्ज कराई एफआईआर। पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के उत्थान और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने वाले विभाग के अस्सिटेंट डायरेक्टर, डीडीओ क्रियेटर और प्रभारी लेखा अधिकारी डकार गए 84 लाख 39 हजार रुपये से अधिक। डिजिटल सिग्नेचर और अकाउंट में हेरफेर कर किया लाखों का गबन। डीएम ने वसूली के भी दिए आदेश। 

खरगोन जिला मुख्यालय पर पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण कॉलेज के छात्रों उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली छात्रवृत्ति में सनसनीखेज घोटाला सामने आया। बच्चों का उत्थान करने वाला विभाग ही खा गया विद्यार्थियों के हक का पैसा। खरगोन में किला मैदान पर स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग संचालित है। इस विभाग की जानकारी चंद लोगों को ही है। थाना कोतवाली पर आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त प्रशांत आर्या और सहायक ग्रेड 3 विनय कुमार शर्मा ने पुलिस को सूचना दी कि सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग इतिशा जैन, डीडीओ क्रिएटर आशीष दुबे, सहायक ग्रेड 3 लेखा प्रभारी शेखर रावत ने अपने दायित्व का निर्माण ना करते हुए 2021-22 और 22-23 में कुल 83 लाख 39 हजार 977 का फर्जी भुगतान गंभीर वित्तीय अनिमितताओं और शासन नियम निर्देशों का सशक्त रूप से पालन न करते हुए राशि का गबन किया है। थाने में आरोपी अधिकारी इतिशा जैन, आशीष दुबे, शेखर रावत द्वारा की गई गड़बड़ी का शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया। पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक इतिशा जैन के 2021-22 और 22-23 में वित्तीय अनियमितता संज्ञान में आने पर उनके द्वारा कार्यालय पत्र से कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराई गई थी। कलेक्टर द्वारा भुगतान में वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने पर जिला स्तरीय तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया। जांच दल अधिकारी अपर कलेक्टर जेएस बघेल, जिला कोषालय अधिकारी आनंद पटले और सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग प्रशांत आर्य को शामिल किया गया। दस्तावेजों के परीक्षण के अनुसार सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 84 लाख 39 हजार 977 रुपए का फर्जी भुगतान कर गंभीर वित्तीय अनिमितता और शासन के निर्देशों का पालन नहीं किया पाया गया।कई छात्रों के अकाउंट में हेरफेर कर राशि का आहरण कर लिया गया। 

महिला अधिकारी ने खुद की थी कलेक्टर को शिकायत

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सहायक संचालक इतिशा जैन द्वारा सर्वप्रथम उक्त फर्जी भुगतान के संबंध में प्रकरण संज्ञान में लाया गया लेकिन उनके द्वारा आहरण और संवितरण अधिकारी/ डीडीओ अप्रूवर के दायित्व निर्वहन में मॉनिटरिंग की कमी पाई गई। विभाग के निरीक्षक आशीष दुबे द्वारा डीडीओ क्रिएटर का दायित्व का उचित प्रकार से निर्वहन नहीं किया गया। सहायक ग्रेड सहायक 3 शेखर रावत द्वारा लेखा प्रभारी के दायित्व नहीं निभाया गया।

लेखाधिकारी ने कहा उधार चुकाने के लिए किया फर्जीवाड़ा-

विभाग के सहायक ग्रेड सहायक 3 लेखा प्रभारी शेखर रावत ने अनेक्सर डी नस्ती में  लिखित कहा और व्हाट्सएप पर वीडियो शेयर कर जिक्र किया कि उनके द्वारा कर्ज देने वाले के दबाव में उक्त फर्जी कार्य किया गया, ये कार्य उधार चुकाने के लिए किया गया है। लेखा प्रभारी ने कई कॉलेज छात्रों के अकाउंट में हेरफेर किया और राशि का आहरण कर लिया।

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